राही तू क्यों भटक रहा?? Best motivational poem in Hindi for Students

Best motivational poem in Hindi f
Best motivational poem in Hindi for Students

राही तू क्यों भटक रहा?? 
Best Motivational Poem in Hindi for Students 

राही तू  क्यूँँ भटक रहा हैं,
  मंजिलें तेरे पास मे है।
फिर भी तू  भटक रहा है,
  जाने किसकी तलाश है।

ना जाने कहां तू खो गया,
  यादों के बीज बो गया।
यादों को मिठ जाने दे,
  बीती बातों को भूल जा,
नए पल को आने दे,
  मन की आवाज को,
जुबा पर आने दे।

मंजिल तेरे सामने हैं,
राही खुद को आगे बढ़ जाने दे।

आगे बढ़ते जा किसी से मत घबरा,
जरा कदमों को भी लडखडाने दे।
लडखडाकर तू  खुद को संभाल ,
और बहुत दूर तक जाने दे।
चुनौतियां  हर एक कदम पर,
तू झे पुकार रही हैं।
चुनौतियों को आने दे,
मंजिल मिल जाने दे।
चुनौतियों को स्वीकार कर,
राह को मुश्किल बन जाने दे।
राही तू  हिम्मत रख
हौसला बुलंद कर जाने दे।

राही तू  क्यूँ भटक रहा है,
मंजिलें  तेरे पास मे है।
फिर भी तू  भटक रहा है,
जाने किसकी तलाश है।

पंछियों की तरह,
 ऊंची उडान भरनी है तो,
पंखों को फडफडाने दे।
एक बार गिर भी जाए तो,
खुद को संभल जाने दे।

पलभर मे नहीं मिल जाता सब कुछ
सही वक्त को आने दे।
यूं ही वक्त को फिजूल मे जाया न कर,
इसे अपनी मेहनत मे बीत जाने दे।
अपने लक्ष्य को ध्यान में रख,
खुद को आगे बढ़ जाने दे।

पंखों को समेटना छोड़,
ऊंची उडान भरने के लिए उन्हें फडफडाने दे,
रातों की नींदों  को त्याग अब,
सफलता कीओर कदम बड़ जाने दे
बंद आंखों से सपनें देखना छोड़,
उन्हें  पूरा करने की ठान ले,
राही तेरा सफर बहुत लम्बा है,
अपने पथ पर चलने की ठान ले,
हर वक्त तेरी परीक्षा ली जाएगी,
सफलता के लिए इन्हें बहतरीन मान ले।

साहस अगर तू झमें भरा होगा,
कोई नहीं तू झे हरा सकता हैं।
एक दिन तेरा भी नाम होगा,
मेहनत करते जा केवल लक्ष्य पर ध्यान दे।
जितनी भी कमियां रह गई,
उन्हें सुधार ले।
तू झे केवल तू  ही बना सकता हैं,
यह बात तू भी मान ले।

                                               -Diksha





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