Best 5 Motivational Stories in Hindi (Student Motivation.com) - Kishan Uniyal


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का Student Motivation.com में आज मैं आपके लिए लेके आया हूँ  Best motivational Stories in Hindi for Students जिन्हे मैं अलग अलग sources  से  लेकर आया आशा है की आपको ये पसंद आएंगे।


शक्ति विश्वास की 

Best Motivational Story 01- Power of Faith

शक्ति विश्वास की  Best Motivational Story 01- Power of Faith
शक्ति विश्वास की Best Motivational Story 01- Power of Faith

 दोस्तों जैसे कि आप इस कहानी के शीर्षक से ही समझ चुके होंगे यह कहानी विश्वास पर आधारित है दोस्तों बहुत समय पहले की बात है एक राह भटकता मुसाफिर कहीं से जंगल में फंसा जंगल में उसने बहुत ढूंढा लेकिन उसे खाने पीने को कुछ नहीं मिला जिसके पास था वह भी कुछ ही दिनों में खत्म हो गया वह बुरी तरह से भटक चुका था उसने बहुत जगह ढूंढा लेकिन उसे कहीं भी पानी नजर नहीं आया और वह भी समझ चुका था कि अगर उसे एक या 2 दिन के अंदर पानी नहीं मिलता है तो उसका मरना पक्का है अचानक एक  चमत्कार हो गया उसे एक झोपड़ी दिखाई दी उसे दूर से लगा कि उसका भ्रम है लेकिन जब उसके पास गया तब जाकर उसे पता चला कि नहीं झोपड़ी तो सच में थी  लेकिन जैसे ही वह झोपड़ी के अंदर गया तो उसे झोपड़े वीरान पड़ी मिली झोपड़ी के अंदर खाने पीने को कुछ नहीं था लेकिन वह बस एक हैंडपंप था मुसाफिर बहुत खुश हुआ उसने लगातार कोशिश की हैंडपंप को चालू करने की लेकिन उसके लगातार प्रयासों के बावजूद भी हैंडपंप चालू नहीं हुआ बाद में जब हताश होकर जमीन पर पड़ गया और उसे जब अपनी मौत सेक्स लग रही थी तभी उसे छत पर लटकाए हुई एक पानी की बोतल दिखाई दे वह बहुत ज्यादा खुश हुआ लेकिन जैसे ही उसने उस पानी की बोतल का ढक्कन खोला तो ढक्कन के बाहर एक कागज चिपका था जिस पर लिखा हुआ था कि इस पानी का प्रयोग हैंडपंप को चालू करने के लिए करें ना कि पीने के लिए जो सोचकर यह जानकर वह मुसाफिर बहुत ही ज्यादा असमंजस में पड़ गया क्या उस पर्ची पर लिखी हुई बात को मान कर उस पानी को हैंडपंप में डाले या फिर पीले और हैंडपंप में डालने के बाद भी अगर पानी नहीं निकला तो क्या करेगा उसनेे एक बहुत ही ज्यादा Riski कदम उठायााा उसने पूरेे पानी को हैंडपंप में डाल दिया सारा पानी हैंडपंप में डालने के बाद चमत्कार सा हो गया जैसे ही उसने हेडपंप चलाना शुरु किया हैंडपंप से बहुत ही ज्यादा पानी निकलने लग गया अब वह बड़े ही आराम से उस पानी को पी सकता था जितना उसे चाहिए था उसने पूरा पानी पिया और उसके बाद उस बोतल को भर कर वापस उसी जगह पर जोकर क्यों रख दिया दोस्तों पानी पीने के बाद उसे वहां एक बोतल के अंदर बंद नक्शा मिला जंगल से बाहर आने का याद कर लिया और उसके बाद वापस से उसी बोतल में बंद करके रख दिया ताकि आने वाले लोगों के लिए रख ली और उसके बाद वहां से चला गया दोस्तों हो सकता है इस कहानी से मैं बहुत शिक्षाएं मिले लेकिन जो मैं बताना चाहता थावह है  Risk जोखिम अगर वह मुसाफिर पानी को हैंडपंप में डालने का जोखिम बना लेता अगर वह नहीं लेता तो हो सकता था कि इतने कम पानी से उसकी प्यासी ना बुझतीउसने जोखिम लिया और उसके बहुत काम आया और वैसे भी सही कहते हैं मेरे दोस्त :-

Always take risk in your life If you live in you will lead and if you loss you will guide
 so never be afraid of taking risk
 आशा करता हूं दोस्तों आपको कहानी पसंद आई होगी


असंतोष अनिवार्य है। 

Best Motivational Story 02- Dissatisfaction is Necessary 



Student motivation , Best Motivational Story 01- Dissatisfaction is Necessary
Best Motivational Story 01- Dissatisfaction is Necessary 
एक गांव में एक मूर्तिकार रहा करता था वो काफी खूबसूरत मूर्तियां बनाया करता था और इस काम से वह अच्छा कमा लेता था।  उसका एक  बेटा हुआ उस बच्चे ने बचपन से ही मूर्तियां बनानी शुरू कर दी बेटा भी बहुत अच्छी मूर्तियां बनाया करता था और बाप अपने बेटी की कामयाबी पर खुश होता था लेकिन हर बार बेटे की मूर्तियों में कोई ना कोई कमी निकाल दिया करता था वो कहता था शाबाश बेटा बहुत अच्छा किया है लेकिन अगली बार इस कमी को दूर करने की कोशिश करना बेटा भी कोई शिकायत नहीं करता था अपने बाप की सलाह पर अमल करते हुए अपनी मूर्तियों को और बेहतर करता रहा इस लगातार सुधार की वजह से बेटे की मूर्तियां बाप से भी अच्छी बनने लगी और एक समय ऐसा भी आ गया कि लोग बेटे की मूर्तियों को बहुत पैसा देकर खरीदने लगे जबकि बाप की मूर्तियां अभी उसी कीमत पर बिकते रहे लेकिन बाप अभी भी अपने बेटे की मूर्तियों में कमी बताता रहता वह मूर्तियों में कमियां निकाल ही देता था लेकिन बेटे को अभी अच्छा नहीं लगता था लेकिन रुठे  बिना वह अपने  मूर्तियों की कमियों को स्वीकार करता था लेकिन फिर भी अपनी मूर्तियों में सुधार कर ही देता था एक टाइम ऐसा भी आया कि जब बेटे के सब्र ने जवाब दे दिया बाप जब कमियां निकाल रहा था तो बेटा बोला आप तो ऐसे कहते हैं कि आप जैसे बहुत बड़े मूर्तिकार है अगर आपको इतनी समझ होती तो आप की मूर्तियां कम कीमत में नहीं दिखती मुझे नहीं लगता कि मुझे आपकी सलाह लेने की जरूरत है मेरी मूर्तियां तो पहले से परफेक्ट है बाप ने बेटे की आवाज सुनी और चुपचाप उसने तब से अब अपने बेटे को सलाह देना और उसकी मूर्तियों में कमियां निकालना बंद कर दिया कुछ दिन तो बेटा बहुत खुश रहा लेकिन फिर उसने नोटिस किया कि लोग अब उसकी मूर्तियों की इतनी तारीफ नहीं करते जितनी पहले क्या करते थे और उसकी मूर्तियों के दाम बढ़ना भी बंद हो गए शुरू में तो बेटे को कुछ समझ नहीं आया लेकिन फिर वह अपने बाप के पास गया और उसे समस्या के बारे में बताया  बाप ने बेटे को बहुत शांति से सुनाओ जैसे कि उसे पहले से पता था कि 1 दिन ऐसा भी आएगा बेटे ने भी इस बात को नोटिस किया और उसने पूछा क्या आप जानते थे कि ऐसा होने वाला है बाप ने कहा हां क्योंकि आज से कई साल पहले में भी इसी हालात से टकराया था बेटे ने सवाल किया तो फिर आपने मुझे समझाया क्यों नहीं बाप ने जवाब दिया क्योंकि तुम समझना नहीं चाहते थे मैं जानता हूं कि तुम्हारी जितनी अच्छी मूर्तियां मैं नहीं बनाता यह भी हो सकता है कि मूर्तियों के बारे में मेरी सलाह गलत हो और ऐसा भी नहीं है कि मेरी सलाह की वजह से कभी तुम्हारी मूर्ति बेहतर बनी लेकिन जब मैं तुम्हारी मूर्तियों में कमियां दिखाता था तब तुम अपनी बनाई मूर्तियों से सेटिस्फाई नहीं होते थे तुम खुद को बेहतर करने की कोशिश करते थे और वही बेहतर होने की कोशिश तुम्हारी कामयाबी का कारण था लेकिन जिस दिन तुम अपने काम से सेटिस्फाया हो गए और तुमने यह भी मान लिया कि अब इसमें और बेहतर होने की गुंजाइश ही नहीं है तुम्हारी ग्रोथ भी रुक गई लोग हमेशा तुमसे बेहतर की उम्मीद करते हैं और यही कारण है कि अब तुम्हारी मूर्तियों के लिए तुम्हारी तारीफ नहीं होती ना ही उनके लिए तुम्हें ज्यादा पैसे मिलते हैं बेटा थोड़ी देर चुप रहा और उसके बाद विनम्रता से पूछा तो अब मुझे क्या करना चाहिए बाप ने सिर्फ एक लाइन में जवाब दिया अनसेटिस्फाई होना सीख लो मान लो कि तुम में हमेशा बेहतर होने की गुंजाइश बाकी है यही एक बात तुम्हें हमेशा आगे बेहतर होने के लिए इंस्पायर्ड करते रहेगी तुम्हें हमेशा बेहतर बनाते रहेगी


परिवार ही है सफलता की नीव
Best Motivational Story 02-  Family & Love is your Real Support



Best Motivational Story 02-  Family & Love is your Real Support
Best Motivational Story 02-  Family & Love is your Real Support
Ole (ऑल ) नाम का एक गरीब कारपेंटर था वह इतना गरीब था कि कई बार उसे भूखा सोना पड़ता था उसे एक बार एक लड़की मिली उस लड़की का नाम Christein था दोनों का एक दूसरे से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली उन्हें एक साथ चार लड़के हुए  अब् अपना परिवार पालने के लिए  दोनों ही बहुत मेहनत करते थे  एक दिन Ole की नौकरी चली गई Ole ने जब आपने पत्नी को बताया तो उसने कहा कि फिकर ना करिए हम साथ-साथ हर मुसीबत का सामना कर सकते हैं किस की बात ने Ole को हिम्मत दी लेकिन कुछ ही दिनों बाद Christein की डेथ हो गई Ole और उसके चार बच्चे अकेले रह गए थे अपने बच्चों को खुश करने के लिए ऑल ने लकड़ी के कुछ खिलौने बनाए और उसके चारों बच्चों को खिलौने बहुत पसंद आया ओल्ड ने सोचा क्यों नहीं यही खुशी वह दूसरे बच्चों को भी दे तो कॉल नहीं उसके तीसरे बेटे गॉटफ्रेड के साथ मिलकर खिलौने बनाना शुरू किया काफी लोगों से खिलौने खरीदने लगे अब और गॉड फेडनेट फैक्ट्री बनानी है ऐसा लग रहा था कि और उसकी फैमिली का अच्छा वक्त आ चुका है लेकिन एक रात को गर्मी से ऑल और   की नींद खुली उन्होंने देखा कि उनकी फैक्ट्री में आग लगी हुई है उन्होंने सब कुछ खो दिया था देख कर रोने लगा तो उससे कहा कि अगर जिंदा होती तो वह कहती के  फिक्र मत करो हम साथ रहकर सभी मुसीबतों का सामना कर सकते हैं उसने अपनी फैक्ट्री को वापस से और इस बार उसके दिमाग में ऐसा आईडी आया  ऐसा आईडिया आया कि क्यों न प्लास्टिक के ब्लॉक्स बनाया जाए जिससे के बच्चे कुछ भी बना सके जो भी उन्हें पसंद हो और उन्होंने इसका नाम रखा LEGO Ole ने कभी भी दूसरी शादी नहीं की उसने अपनी कंपनी अपना बेटे गॉटफ्रेड को सौंप दी और कुछ दशकों बाद गॉड फ्रेंड ने यह कंपनी अपने बेटे जलटको सौंप दी की कहानी हमें यह बताती है कि चाहे हम कितने भी बुरे वक्त से गुजर रहे हैं लेकिन हम जिससे प्यार करते हैं हमें उनसे हिम्मत मिलती है और हम से उन्हें हिम्मत मिलती है। 


मौका 

Best Motivational Story 03- Opportunity

Best Motivational Story 03- Opportunity
Best Motivational Story 03- Opportunity

एक बार कोई लड़का जिंदगी से बहुत परेशान गुरुजी के पास जाता है और बोलता है गुरु जी मैं बहुत परेशान हूं मुझे पैसों की जरूरत है मैं चाहता हूं कि मेरे पेरेंट्स मेरे माता-पिता बहुत खुश रहे और पूरी दुनिया घूमे लेकिन ऐसा करने को को मेरे पास बहुत सारे पैसे होनी चाहिए जो कि नहीं है गुरुजी ने उस लड़के को कहा मेरे साथ  आओ  वह गुरु जी के साथ गया और उसे गुरुजी एक ऐसी जगह ले गए जहां बहुत सारे कंकड़ पड़े थे और उस लड़के से कहा इतने सारे कंकड़ में से कोई एक ऐसे कंकड़ है जो हर मेटल को और धातु को सोने में बदल सकती है वह कंकर जिस पर रखोगे वह सोने का हो जाएगा गोल्ड का हो जाएगा और उस कंकड़ की पहचान होगी उसके तापमान यह सब कंकड़ छूकर महसूस करोगे तो ठंड लगेगी लेकिन गोल्ड में बदल देने वाली कंकड़ गर्म महसूस होगी फिर तुम अपनी जिंदगी में चाहो उतने पैसे कमा सकते हो अगर तुम्हें वह कंकड़ मिल गई लड़का बहुत ज्यादा खुश हुआ उसने देखा कि मुझे रोज की केवल कुछ घंटे ही तो लगाने हैं पर वह लड़का नहीं जानता था कि जिस गुरु जी ने दिया है उन्होंने सोच समझ कर दिया है अगर इतना आसान होता तो बात ही क्या थी वह लड़का  लग गया   एक-एक करके कंकड़ ओं को उठाकर उसे हाथ में लेकर महसूस करके जो कंकड़ ठंडी महसूस होती उसे समुद्र में फेंक देता क्योंकि अगर वह समुद्र में नहीं सकता तो वही कंकड़ फिर से उसी में मिल जाएगी  इसलिए जो भी कंकर ठंडी होती उसे वह नदी में फेंकता जा रहा था 1 दिन गुजर गया 5 घंटे में लगातार काम करता गया लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा यदि उसे सभी कंकड़ ठंडे महसूस हुई थी 1 सप्ताह निकले निकले 1 महीना ऐसा करते करते और फिर 4 महीने हो गए लेकिन अब तक उस लड़के को वह गर्म कंकड़ नहीं मिली उसमें से सब कंकड़ ठंडी महसूस हो रही थी लेकिन अब लड़का एक चीज को भूलता जा रहा था उसका विश्वास  तथा की कंकड़ जरूर मिलेगा पर अब वह धीरे-धीरे कंकड़ को ध्यान से परखना कम करता जा रहा थायानी अगर इससे को दूसरे शब्दों में कहा जाए  तो कह सकते हैं कि अब उसके माइंड में एक मार्किंग सीहो गई थी कि अब वह उस उसकी हैबिट हो गई थी कंकड़ को फटाफट से उठाकर समुद्र में फेंक देने की इतनी मेहनत के बाद पांचवें महीने के कुछ ही दिन में उस लड़के को वह कंकड़ मिल गई और जैसे ही वह कंकड़ हाथ में आई वह उसे गर्म तो महसूस हुई लेकिन क्योंकि उसकी जल्दी से हर कंकड़ को  समुद्र में फेंकने की आदत बन चुकी थी उसने उसे भी समुद्र में फेंक दिया और फेंकने के जस्ट 2 सेकंड बाद उसने अपने हाथ की उंगली चपाली और उसे बहुत ज्यादा पछतावा हुआ अब वह उस  कंकड़ को समंदर से निकाल नहीं सकता था इस कहानी से हम क्या सीख सकते हैं ऐसा क्या जान सकते हैं जिससे हमारी पूरी जिंदगी बदल सकती है जिस दिन आपने हर दिन को हल्के में लेना शुरू कर दिया तो आपकी धीरे धीरे हल्के में लेना आपकी हैबिट बन जाएगी और जब कोई बड़ा  अवसर वाला दिन हुआ उसे भी इस हैबिट के अकॉर्डिंग उसे भी गलती से हल्के में ले लोगे फिर बाद में पछतावा होगा जब पता लगेगा कि मुझे तो मालूम नहीं था उस दिन मेरे पास बहुत बड़ा मौका था जिसे मैंने गवा दिया क्योंकि मैं रोज हर दिन को हल्का मानता था और जब दिन हल्का नहीं था उसे भी मैंने हल्का मान लिया आपके जीवन में वह गर्म कंकड़ एक अवसर है अपॉर्चुनिटी है एक मौका है  एक नया दिन है हर एक कंकड़ एक नया दिन है वह गर्म कंकड़ कब आपके हाथ में आएगा यह आप कभी नहीं जानता लेकिन आपको बहुत ध्यान से हर कंकर को परखना है यानी हर दिन से आपको सीखना है हर एक इंसान से हर एक सिचुएशन से हर एक अवसर से यार हर एक मौके से हर एक जगह से हर 1 सेकेंड से आपको कुछ न कुछ सीखना है क्योंकि न जाने कब वह गर्म कंकड़ आपके हाथ में आ जाएजो आप के पूरे जीवन को बदल सकता है अर्थात ना जाने कब ऐसा मौका आपके पास आ जाए जिससे आपका पूरा जीवन बदल सकता है आपको इंतजार करना है और परखना है हर एक सेकंड को अर्थात हर एक कंकड़ को और जिस दिन वह सोने में बदल देने वाला कंकड़ आपके हाथ आ गया ना उस दिन आपके पूरे जिंदगी को बदल देगा जिंदगी के हर एक सेकंड को हर एक समय को हर एक सिचुएशन को इस तरह से जियो इस तरह से उसमें मेहनत करो इस तरह से उसे इंपॉर्टेंस पर रखो जैसे कि आपका जीवन बदल देने वाला वह कंकड़ हो। 


विनम्रता की शक्ति। 

Best Motivational Story 05:- Power of Politeness



विनम्रता की शक्ति।  Best Motivational Story 05:- Power of Politeness
विनम्रता की शक्ति। Best Motivational Story 05:- Power of Politeness


दोस्तों एक बार गौतम बुद्ध जी समाधि में बैठे हुए थे और ध्यान कर रहे थे तभी उनका एक शिष्य बहुत ही क्रोधित होकर उनके पास आया गौतम बुद्ध का कारण पूछा शिष्य ने बड़ी विनम्रता से कहा गुरुदेव जी हैवह राम जी है ना गांव काउसने मेरा सभी के सामने अपमान किया जबकि मेरी उसमें कोई भी गलती हुई थी गुरुजी ने पूरा मसला जाने की इच्छा की राम जाने सारी बात गुरुजी को समझाए गौतम बुद्ध जी मुस्कुराए और बड़ी विनम्रता से कहने लगे तो अब क्या करोगे शिष्य ने कहा आप बस एक बार मेरे साथ उसके पास चलिए और वह शर्मिंदा हो जाएगा जब आप मेरा पक्ष रखेंगे तो गौतम बुद्ध के अंदर प्रतिकार की भावना ने जन्म ले लिया था इस कारण से उसे बदला दिखाई दे रहा था अभी शाम होने वाली ऐसा करेंगे कल सुबह चलेंगे सुबह हुई तो गुरु जी ने देखा कि उसे तो याद भी नहीं है कि उसने कल के दिन कहां जाने के बाद की थी पूरे दिन भर के आश्रम का वही दिनचर्या पालन होती रहे अंत में जब शाम होने वाली थी तब गुरु जी ने खुद से पूछा कि क्या हुआ तुम तो राम जी के पास चलने के बाद कर रहे थे और आज तुम सुबह से मेरे पास आए भी नहीं इस बात को लेकर तो उसने उत्तर दिया गुरुदेव इस बारे में मैं रात भर सोचता रहा मुझे समझ में आया कि सब में मेरी भी उतनी ही गलती थी जितनी उसके थी तो अब मुझे लगा कि सबको भुला देने में ही फायदा है गुरुजी ने कहा मैं जानता था तुम्हें इसका आभास अवश्य होगा कोई तुम्हारा तब तक अपमान नहीं कर सकता जब तक तुम खुद ना चाहोमैं तुम्हें तभी रात भर का समय दिया था ताकि ताकि तुम खुद सोच पाओ और शांति के साथ मनन कर पाए जब भी हम किसी बात को क्रोध में सोचते हैं तो हमें हमेशा उसमें दूसरे की ही गलती नजर आती है तो दोस्तों इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती हैं कि हमें हमेशा कोई भी निर्णय लेना चाहिए छोटी से छोटी बात को अपने  आत्म सम्मान पर ले ले।


 तो दोस्तों  इस आर्टिकल में बस इतना ही उम्मीद है कि आपको यह पांचों कहानियां बहुत अधिक पसंद आई होंगी और अगर पसंद आई है तो हमें कमेंट करके जरूर बताइए हमारे और भी आर्टिकल्स आप चाहे तो उन्हें पढ़ सकते हैं

 धन्यवाद !!



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