नमस्कार आप सभी को। मेरी आज की Motivational Poem एक लड़की की  भावनाओं को  प्रकट करती हैं।कही बार हमारे साथ ऐसा होता है कि हम खुद की गलतियो पर विचार करने के बजाय समाज द्वारा कहे गए तानो पर ज्यादा ध्यान देते हैं।ये कविता ये दिखाती है कि अपनी गलती को ज्यादा समय दीजिये।ओर उनको हटाइए अपने जीवन से। बरोसा रखिये खुद पर।जीत आपकी होनी तय है।तो प्रांरभ करते हैं आज की Motivational Poem को।।।
                       



 तुम क्या मुझे  हाराओगे !!! Motivational Poem in hindi by Sapna Negi (Vaani)



      मुझे नही पड़ता  फर्क  किसी के कोसे. जाने से।
         मैं नहीं गिरने वाली अब दुनिया के तानो से।
मुझे मुझ मैं ही  हर दिन  कुछ नया परिवर्तन करना है।
            तूुम रखो दूसरो से. प्रतिस्पर्धाा 
 मुुझे तो अब  खुद मुझसे ही लडना है।

  मुझे नही जरूरत अब तुम्हारे  झूठे दिलासाओ का ।

     मै खुद को पहचान चूकी हूँ।
       अब और नही बनेगा मेरी कमियो का तमाशा।

 अब खुद को बेहतर से ।
         बेहतरीन बनाऊँगी ।
 तुम बने रहो दीपक का प्रकाश मै तो ।
   सुरज बन जग चमकाउँगीं।।।
 
    जिन कमियों पर ठहाके मार ।
            हसाँ था न जग सारा ।
 देख लेना तुम ।।
         एक दिन लगेगा ,मेरे नाम का ही नारा।
       
 मेरे दृढ निश्चय ओर  आत्म अवलोकन ।
    को तुम क्या रोक पाओगें ?
 मैनै खुद को ही जीत लिया अब ।।
  तुम  क्या  मुझे हराओगे ।।

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